Astaghfirullah Meaning In Hindi Arabic With Full Dua. इस्लाम में तौबा (पश्चाताप) और इस्तग़फ़ार (माफ़ी माँगना) को बहुत बड़ा दर्जा दिया गया है। इन्हीं में से एक सबसे मशहूर और असरदार वाक्य है “Astaghfirullah” (अस्तग़फ़िरुल्लाह), जिसका अर्थ है: “मैं अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ।” यह छोटा लेकिन बहुत गहरा असर रखने वाला कलिमा है, जिसे पढ़कर एक मुसलमान अपने गुनाहों की माफी मांगता है और अल्लाह की रहमत की उम्मीद करता है। यह दुआ न सिर्फ गुनाहों से निजात का ज़रिया है, बल्कि दिल की सफ़ाई, रूह की पाकीज़गी और अल्लाह से क़रीबी का रास्ता भी है। इस लेख में हम जानेंगे इसका मतलब, पूरा दुआ, फज़ीलतें और इसे कब व कैसे पढ़ा जाए।

Astaghfirullah Dua in Arabic
أسْتَغْفِرُ اللهَ رَبي مِنْ كُلِ ذَنبٍ وَأتُوبُ إلَيهِ
अस्तागफिरुल्लाह रब्बी मिन कुल्ली जाम्बियों वा अतुबु इलैह
(मै अल्लाह से अपने गुनाहों की बख्शीस मांगता हूँ जो मेरा रब है, और मै उसी की तरफ रुजू करता हूँ|)
Astaghfirullah Dua in Hindi
अस्तागफिरुल्लाह रब्बी मिन कुल्ली जाम्बियों वा अतुबु इलैह
Astaghfirullah Dua Tarjuma in Hindi
मै अल्लाह से अपने गुनाहों की बख्शीस मांगता हूँ जो मेरा रब है, और मै उसी की तरफ रुजू करता हूँ |
अस्ताग़फ़िरुल्लाह की अहमियत कुरआन और हदीस में
- कुरआन में अल्लाह फरमाता है:
“और तुम सब के सब अल्लाह से तौबा करो, ऐ मोमिनों, ताकि तुम कामयाब हो सको।” (सूरह नूर: 31) - एक हदीस में रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:
“मैं दिन में सत्तर से ज़्यादा बार अल्लाह से इस्तिग़फार करता हूँ।” (सहीह अल-बुखारी)
फज़ीलत (फायदे) – इस दुआ को पढ़ने के फायदे
- गुनाहों की माफ़ी मिलती है: इंसान चाहे कितना ही गुनहगार क्यों ना हो, अगर वो दिल से तौबा करे तो अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करता है।
- रिज़्क़ में बरकत: इस्तिग़फार करने से रोज़ी में वुसअत और बरकत आती है।
- दिल को सुकून मिलता है: ये दुआ पढ़ने से दिल पर से बोझ हटता है और इंसान को रूहानी राहत मिलती है।
- अज़ाब से बचाव: इस्तिग़फार करने वाला शख़्स अल्लाह के अज़ाब से महफूज़ रहता है।
कब और कैसे पढ़ें यह दुआ?
- हर नमाज़ के बाद
- रात को सोने से पहले
- जब गुनाह का एहसास हो
- जुमा के दिन या अशरा ए रहमत में (रमज़ान)
Astaghfirullah Dua एक आसान, मगर बहुत ताक़तवर दुआ है। यह सिर्फ जुबान से नहीं बल्कि दिल से तौबा का इज़हार करती है। अगर हर मुसलमान इस दुआ को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना ले, तो इंशा अल्लाह उसका दिल साफ़, अमल नेक और अल्लाह से रिश्ता मजबूत होगा।