इस्लाम की नींव पाँच स्तंभों पर टिकी है, और इनका पहला और सबसे बुनियादी स्तंभ है शहादा (Shahada)। यह वह वचन है जिससे एक व्यक्ति मुसलमान बनता है और अपनी आस्था को अल्लाह और उसके रसूल मुहम्मद ﷺ के प्रति समर्पित करता है।
जैसा कि हदीस में आता है:
"इस्लाम पाँच बातों पर बना है: गवाही देना कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद ﷺ अल्लाह के रसूल हैं, नमाज़ क़ायम करना, ज़कात अदा करना, रमज़ान के रोज़े रखना और हज करना।" (सहीह बुखारी, सहीह मुस्लिम)

Shahada – Arabic, Hindi, Roman & English
Arabic:
لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللّٰهِ
Hindi:
ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह
Roman English:
La ilaha illallahu Muhammadur Rasulullah
English Meaning:
“There is no god except Allah, Muhammad is the Messenger of Allah.”
Islamic History
क़ुरआन में तौहीद (अल्लाह की एकता) को कई बार बयान किया गया है:
- सूरह मुहम्मद (47:19) – “जान लो कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं…”
- सूरह अल-बक़रह (2:163) – “तुम्हारा माबूद एक ही माबूद है, उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह रहमान और रहीम है।”
शहादा की तिलावत शुरुआती मुसलमानों के लिए इम्तिहान थी। बिलाल इब्न रबाह (रज़ि.) को जब काफ़िरों ने यातनाएँ दीं, तब भी वे कहते रहे “अहद, अहद” (एक ही, एक ही)।
Shahada – समझाना
शहादा के दो हिस्से हैं:
- La ilaha illallah – यह इनकार करता है कि अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक नहीं।
- Muhammadur Rasulullah – यह स्वीकार करता है कि मुहम्मद ﷺ अल्लाह के अंतिम रसूल हैं।
शर्तें (Conditions of Shahada) – ज्ञान, ईमानदारी, स्वीकार करना, समर्पण, सच्चाई, मोहब्बत, और यक़ीन।
Shahada Benefits
- दिल और दिमाग से शिर्क (बहुदेववाद) को निकालना।
- अल्लाह से गहरा रिश्ता बनाना।
- इस्लाम में प्रवेश का दरवाज़ा।
- सच्चे दिल से कहने पर गुनाह माफ़ होना।
शहादा सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि पूरी ज़िन्दगी की पहचान और वचन है। यह इस्लाम की बुनियाद है, जो बाकी चार स्तंभों को सहारा देती है। आइए, हम रोज़ाना अपने दिल और अमल से इस गवाही को नया करते रहें।